DM ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कर मातृ-शिशु स्वास्थ्य और योजनाओं के क्रियान्वयन पर दिए निर्देश।
बड़वानी । स्वास्थ्य सेवाओं के लिए टीम का सामाजिक रूप से मजबूत होना और एक बेहतर प्रशासनिक ढांचा तैयार करना आवश्यक है। आंकड़ों के बजाए व्यावहारिक धरातल पर सुधार दिखना चाहिए। उक्त निर्देश कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागृह में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की
बैठक में निर्देशित किया कि –
1.गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन और जाँच के सम्बंध में निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में महिलाओ प्रथम त्रैमास पंजीयन छूटना नहीं चाहिए। यदि समग्र या अन्य दस्तावेजों की समस्या है, तो एएनएम स्वयं जाकर उसे हल करवाएं। हर गर्भवती महिला का समय पर चिन्हांकन, रजिस्ट्रेशन, 4 एएनसी (प्रसव पूर्व जाँच) और कम से कम एक सोनोग्राफी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उच्च जोखिम और गंभीर एनीमिया वाली महिलाओं के लिए आयरन और फोलिक एसिड का उचित प्रबंधन किया जाए।
2.जन्म के तुरंत बाद वन स्टॉप सुविधा के संबंध में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों पर जन्म के तुरंत बाद ही नागरिक सुविधाएं जैसे जन्म प्रमाण पत्र, समग्र आईडी, आधार पंजीयन, सुकन्या समृद्धि योजना और लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ एक ही स्थान पर दिया जाए,इसकी व्यवस्था की जाए।
3.कलेक्टर ने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए डिलीवरी पॉइंट्स बढ़ाए जाएं।व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए मानव संसाधन की व्यवस्था करें।
4.मातृ मृत्यु दर की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिन केंद्रों पर ऐसी घटनाएं हुई हैं, वहां के कारणों के विश्लेषण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्राम सिदडी (निवाली) में हुई मृत्यु के मामले में कलेक्टर ने स्वयं परिजनों से चर्चा कर वस्तुस्थिति जानने का प्रयास किया और सीएमएचओ को इस पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
5.टीकाकरण और टीबी उन्मूलन की समीक्षा करते हुए कहा कि शिशु टीकाकरण का लक्ष्य शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिए अमले हेतु कार्ययोजना बनाकर उन्हें संवेदनशील बनाने के निर्देश दिए गए।टीबी उन्मूलन के तहत नए पॉजिटिव मरीजों की कांटेक्ट ट्रेसिंग और स्क्रीनिंग पर विशेष जोर दिया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग-
ऽ ट्रिपल ए फ्रेमवर्क आशा, आंगनवाड़ी और एएनएम मिलकर कार्य करें। हर मंगलवार और शुक्रवार को महिलाओं को वीएचएनडी सत्रों में लाया जाए।जिले में सभी महिलाओं की 4 एएनसी पूरी नहीं हो पा रही हैं, इसे सुधार कर शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करें।
ऽ पोषण ट्रैकर में दर्ज हितग्राहियों का शत-प्रतिशत फेस रिकग्निशन और ई-केवाईसी पूर्ण कर उन्हें टेक होम राशन उपलब्ध कराया जाए।
ऽ सैम, मैम, एचआईवी और टीबी से प्रभावित गर्भवती महिलाओं एवं नागरिको के चिन्हांकन के लिए फलियावार नक्शा बनाकर कार्य करें।
इस दौरान संयुक्त कलेक्टर श्री राजा रवि वर्मा, सीएमएचओ डॉ॰सुरेखा जमरे,जिला परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री रतनसिंह गुण्डिया सहित अन्य उपस्थित रहे।
बड़वानी/संजय बामनिया की रिपोर्ट

