10 महीनों में 10 राज्यों में लगाए 6 लाख से अधिक पेड़,दे रहे है कई लोगो को रोज़गार
बड़वानी।आज के दौर में जब व्यवसाय का मतलब अक्सर मुनाफा कमाना समझा जाता है, वहीं मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के राजपुर नगर के एक युवा ने यह साबित कर दिया कि सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण भी एक सफल बिज़नेस मॉडल बन सकते हैं।श्री संतोष प्रजापत(उम्र 33 वर्ष) एक ऐसा नाम जो पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक हरित आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है। सिर्फ 10 महीनों में उन्होंने देश के 10 राज्यों में 6 लाख से अधिक पेड़ लगवाकर न केवल हरियाली फैलाई, बल्कि कई युवाओं को रोजगार का अवसर भी दिया।33 वर्षीय संतोष प्रजापत का सफर एनजीओ सेक्टर में वर्षों की सेवा से शुरू हुआ। स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण जैसे सामाजिक मुद्दों पर काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि वृक्षारोपण सिर्फ एक पर्यावरणीय कार्य नहीं, बल्कि एक आर्थिक और सामाजिक बदलाव का जरिया भी बन सकता है। इसी सोच को हकीकत में बदलते हुए उन्होंने वर्ष 2024 में “सतपुड़ा इनिशिएटिव्स” नामक संस्था की नींव रखी। उनका उद्देश्य था “प्रकृति को बचाना और लोगों को जोड़ना।”संतोष ने कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के माध्यम से कई प्राइवेट कंपनियों को अपने मिशन से जोड़ा। आज उनकी संस्था कंपनियों के साथ मिलकर टेक-ड्रिवन वृक्षारोपण प्रोजेक्ट्स चला रही है, जहां हर पेड़ का जियो टैग, फोटो दस्तावेज, और फॉलोअप सिस्टम होता है संस्था का उद्देश्य केवल वृक्षों का रोपण ही नहीं बल्कि उनकी 3 वर्षों तक देखभाल करना है वृक्षों की नियमित सुरक्षा के लिए संस्था द्वारा फेंसिंग, एवं ड्रिप की व्यवस्था भी करती है एवं 90% तक जीवंतता की गारंटी देती है।संस्था किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी किसानों को कृषि वानिकी के तहत वृक्षारोपण हेतु प्रेरित कर कृषि भूमि पर भी लाखों पेड़ लगा चुकी है ।उनकी पारदर्शिता और परिणाम आधारित काम करने की शैली ने उन्हें विश्वसनीयता दिलाई और इसी के चलते उनकी संस्था को देशभर में 18 से अधिक प्रोजेक्ट चला रही है अब तक संस्था ने गुजरात, महाराष्ट्र, दादरा एवं नगर हवेली, झारखंड, राजस्थान, तेलंगाना, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों में 6 लाख से अधिक वृक्षों का रोपण सफलतापूर्वक किया है। हर राज्य में स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवकों को जोड़कर स्थायी रोजगार के अवसर भी पैदा किए गए हैं। अगले एक वर्ष में संतोष की योजना है कि देशभर से 1 करोड़ वृक्षों का रोपण किया जाये ग्रीन जॉब्स सृजित किए जाएं। इस दिशा में उन्होंने स्कूलों, ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों को भी हरा भरा करने का संकल्प लिया है ।जहां एक ओर दुनिया मुनाफे की दौड़ में प्राकृतिक संसाधनों को भूल रही है, वहीं राजपुर जैसे छोटे शहर से निकले संतोष प्रजापत जैसे युवा यह साबित कर रहे हैं कि सिर्फ़ वस्तुएँ बेचकर नहीं अपितु प्रकृति की सेवा करके भी बिज़नेस मॉडल खड़ा किया जा सकता है। यह कहानी एक प्रेरणा है उन युवाओं के लिए, जो सिर्फ नौकरी के पीछे नहीं, बल्कि बदलाव के पीछे दौड़ते हैं।
बड़वानी/संजय बामनिया की रिपोर्ट

