समन्वित परियोजना का संचालन कई नवाचारी परिणाम दे सकता है – डॉ.देसाई
बड़वानी।यह हम सब जानते हैं कुष्ठ रोग साध्य है तथा यह भी समय पर उपचार लेने से सामान्य बीमारी की तरह ही ठीक हो जाता है। किंतु ज्यादातर लोग जागरूकता के अभाव में इसे छुपाते हैं और बीमारी को गंभीर अवस्था में परिवर्तित होने के बाद जब सामाजिक चर्चा का विषय बनने लगते हैं तब कहीं उपचार के लिए आते हैं तब तक बहुत शारीरिक क्षति हो चुकी होती है। उक्त बातें आशाग्राम ट्रस्ट में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेखा जमरे के मार्गदर्शन में आयोजित इंटरेक्ट टॉक में कही,उन्होंने कहा आशाग्राम ट्रस्ट में कुष्ठ रोगियों के समग्र पुनर्वास के लिए सभी आयाम साकार हो रहे हैं एक और जहां कुष्ठ कॉलोनी में यह लोग परिवार के साथ रह रहे है।वही चिकित्सा के लिए शासकीय और अशासकीय दोनों सुविधा परिसर में ही उपलब्ध है। सुंदर प्राकृतिक वातावरण के बीच स्वच्छंद विचरण करने वाले कुष्ठ रोगी एक सामान्य जीवन जीकर अन्य कुष्ठ कालोनियों के लिए आदर्श प्रस्तुत कर रहे है। यहां उनके लिए समय-समय पर आयोजित समस्या समाधान शिविर एवं अन्य सहयोगी कार्यक्रम इनके जीवन को सुगम बना रहा है। उन्होंने इस दौरान एक ही स्थान पर संस्थागत पुनर्वास के सभी आयामो का उपलब्ध होना इस क्षेत्र के लिए सौगात बताया। इस दौरान राज्य पदाधिकारी श्री सतीश चौधरी ने भी कुष्ठ रोगियों विशेष कर नवीन कुष्ठ रोगियों के लिए संवाद किया।जिला समन्वयक श्री विपुल चतुर्वेदी सहित ट्रस्ट के श्री सचिन दुबे श्री मनीष पाटीदार श्री मणिराम नायडू,फिजियोथैरेपिस्ट धर्मेंद्र सोनी इत्यादि उपस्थित रहे।
बड़वानी/संजय बामनिया की रिपोर्ट

