ज्ञापन और निवेदन के बाद डेब नदी पुल पर डामरीकरण शुरू,भारी वर्षा के बाद पुल हुआ था क्षतिग्रस्त

बड़वानी

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ज्ञापन और निवेदन के बाद डेब नदी पुल पर डामरीकरण शुरू,भारी वर्षा के बाद पुल हुआ था क्षतिग्रस्त,ग्रामीण ने बिना कांक्रीट के डामरीकरण करने की कही बात,

बड़वानी जिले के ओझर क्षेत्र में भारी वर्षा के बाद आई बाढ़ से डेब नदी पर पुल की रेलिंग बहने के साथ ही पुल क्षतिग्रस्त हो गया था पुल से कंक्रीट व डामर की परतें उखड़ गई थी। जिस कारण पुल से भारी वाहनों की आवाजाही को विभाग ने प्रतिबंधित कर दिया था।भाजपा पदाधिकारियों ने सांसद गजेंद्रसिंह को भी समस्या से अवगत कराया था। जिस पर सोमवार को विभाग ने पुल के स्लैब पर डामरीकरण का काम शुरू किया है। बड़वानी एपीआरडीसी विभाग के प्रबन्धक कमलेश गुले ने बताया पुल पर 2 लेयर डामरिकरण किया जाएगा तथा कोलेप्सिबल रेलिंग बनवाने का आर्डर भी दिया जा चुका है। युवा भाजपा नेता गौरव शर्मा सहित नागरिको ने सांसद पटेल का आभार व्यक्त किया है तथा विभाग से मांग की गई कि बारिश के दिनों में यदि रेलिंग खोलने की जरूरत पड़ती है तो इसका जिम्मा व्यक्ति विशेष को न देकर ग्राम पंचायत को दिया जाये। उधर पुलिस चौकी के सामने सोमवार से 24 घण्टे के लिए अन्नजल त्याग कर बैठे गाँव के नारायण सोनी ने बताया पुल पर सीमेंटकांक्रीट किये बगैर डामरीकरण किया जा रहा है। इसके कलेक्टर की जनसुनवाई में माँग की गई थी कि बाढ़ में जो रेलिंग बह गई उसकी राशि सेतु निगम के अधिकारी से वसूली जाय।सेतु निगम खरगोन द्वारा बताया गया कि नागलवाड़ी शिखरधाम पर्वो के चलते तात्कालीन कलेक्टर व एसडीएम राजपुर के आदेश पर रेलिंग को पुल से नही खोला गया।तथा उन्होंने रेलिंग लगाने व खोलने के गत 8 वर्षों से राशि का भुगतान प्रतिवर्ष निजी व्यक्ति को करने की जानकारी दी है।

ब्यूरो रिपोर्ट

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