विश्व के सबसे पहले भगवान के किए अभिषेक मुनिश्री का लिया मंगल आशीर्वाद,भजनों की स्वर लहरियो से नए वर्ष का स्वागत।

विश्व के सबसे पहले भगवान के किए अभिषेक मुनिश्री का लिया मंगल आशीर्वाद,भजनों की स्वर लहरियो से नए वर्ष का स्वागत।

बड़वानी

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विश्व के सबसे पहले भगवान के किए अभिषेक मुनिश्री का लिया मंगल आशीर्वाद,भजनों की स्वर लहरियो से नए वर्ष का स्वागत।

बड़वानी। वर्ष 2025 की बिदाई और नव वर्ष 2026,का स्वागत दिगंबर जैन धर्मावलंबियों ने बड़े अनूठे अंदाज में किया 31तारीख की रात्रि में जैन तीर्थ श्री सिद्ध क्षेत्र बावनगजा में देश भर के श्रद्धालुओं की उपस्थिति में विराजित संत उपाध्याय श्री विभंजन सागर जी मुनिराज और मुनि श्री प्रणुत सागर जी के सानिध्य में गत वर्ष का बिदाई और नव वर्ष का स्वागत विनी जैन प्रसिद्ध जैन गीतकार की सुमधुर भजन और भक्तामर पाठ और कर्ण प्रिय स्वर लहरी संगीत के बीच हुई,उपाध्याय श्री विभंजन सागर जी ने सभी भक्तों को मंगल मई आशीर्वाद दिया वही मुनि श्री प्रणुत सागर जी ने सभी भक्तों को आशीर्वाद देते हुए बताया कि आप 2026 में प्रवेश कर रहे हो और 2026 की जोड़ दस होता है मूलांक एक और आप सभी विश्व के सबसे पहले भगवान आदिनाथ जो कि वर्तमान चौबीसी के प्रथम तीर्थंकर के पूजन,दर्शन,अभिषेक के लिए आए है तो निश्चित ही 2026 आप सभी भक्तों का शुभ ही होगा ,आप इस पुराने वर्ष में अपने सारे पाप ,सारी गलतियों को भगवान के चरणों में छोड़ जाना और भगवान से क्षमा मांग लेना,साथ ही आप इस भव को प्राप्त किया है तो हमारे जैन धर्म के बच्चे जो कि धन के अभाव में उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते उनकी सहायता करे,आप यथा शक्ति जो सहयोग कर सकते है उन बच्चों को सहयोग करे,बावनगजा ट्रस्ट में भी छात्रावास में बच्चे निःशुल्क निवास कर पढ़ रहे है ये कार्य भी अनुमोदनीय है। रात्रि के ठीक 12 बजे मुनिश्री के श्रावकों ने पाद प्रक्षालन कर 26 दीपक से आरती उतारी गई भजनों की धुन पर श्रावक श्राविकाओं द्वारा भक्ति नृत्य प्रस्तुत किए गए और गुरु और भगवान के जयकारे से पूरे क्षेत्र को गूंजा दिया बावनगजा ट्रस्ट कमेटी और अध्यक्ष विनोद दोषी द्वारा भी संतो के प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई और श्रावकों को भी उनके अपूर्व उत्साह और क्षेत्र पर पधारने की बधाई दी,1 कि प्रातः सबेरे मुनि संघ के सानिध्य में भक्तों का कारवां पर्वत पर विराजित जिन बिंब और चूल गिरी पर विराजित सिद्ध भगवन्तों की वंदना की पश्चात बावनगजा के बड़े बाबा भगवान आदिनाथ के दूर दराज से आए श्रावकों ने खूब भक्ति भाव पूर्वक अभिषेक और मुनि श्री के मुखारविंद से शांति धारा संपन्न हुई ।अभिषेक पश्चात भक्तामर विधान,पूजन आदि संपन्न हुआ,मुनि संघ की आहार चर्या दोपहर को तत्व चर्चा,सामयिक,प्रतिक्रमण शाम को भगवान की आरती और मुनि संघ की आरती संपन्न हुई ,उपरोक्त जानकारी मनीष जैन द्वारा प्राप्त हुई।

बड़वानी/संजय बामनिया की रिपोर्ट

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