अंतरराष्ट्रीय बाजार में तस्करी को लेकर चर्चित,दुर्लभ दो मुंहे सैंड बोआ सांप को किया रेस्क्यू
अंजड़।अंतरराष्ट्रीय बाजार बाजार में तस्करी के नाम पर चर्चाओं में रहने वाले दो मुंहे सांप रेड सैंड बोआ को ग्राम तलवाड़ा डेब में सर्पमित्र के द्वारा तलवाड़ा डेब निवासी हेमराज प्रजापत के यहां से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया, जिसे देखकर लोगों में कौतूहल फैल गया, क्योंकि यह दुर्लभ और शांत स्वभाव का सांप होता है, जो अंधविश्वास के चलते तस्करों के निशाने पर रहता है, लेकिन सर्पमित्र निलेश उपाध्याय के द्वारा इसे बचाकर जंगल में छोड़ा गया, जिससे इसकी विलुप्तप्राय प्रजाति की रक्षा हो सके।प्राप्त जानकारी के मुताबिक अधिकतर दो मुंहे सांप सैंड बोआ लाल रंग का क्षेत्र में पाया जाता है लेकिन यह पहली मर्तबा था कि सिल्वर कलर में यह दो मुंहा सांप देखा गया है।उल्लेखनीय है कि यह मुख्य रूप से रेड सैंड बोआ (मांडो) प्रजाति का होता है, जिसे लोग स्थानीय भाषा में “बोगी” भी कहते हैं, क्योंकि इसकी पूंछ और सिर एक जैसे दिखते हैं, जिससे यह शिकारी को चकमा देता है।इसकी विशेषता यह है कि यह जहरीला नहीं होता और शांत स्वभाव का होता है,लेकिन अंधविश्वास के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ों में बताई जाती है, जिससे तस्कर इसे पकड़ते हैं।
अंजड़/सतीश परिहार की रिपोर्ट

