नर्मदा समग्र के कार्यकर्ता ने निकाली दो दिवसीय पर्यावरण पंच कोशी यात्रा।
असंतुलित होते पर्यावरण को लेकर हमारे द्वारा बड़ती जा रही निष्क्रियता का दुष्यपरिणाम हमारे साथ हमारी आने वाली भावी पीढ़ी को भी भुगतना पड़ेगा भावी पीढ़ी को लम्बी उम्र तक निरोगी बन कर जिन्दा रखना चाहते है तो हमे लम्बी उम्र के फल दार पौधों का रोपण कर इनका संरक्षण व संवर्धन करना होगा हमारे द्वारा रोपित पौधे कल बड़े होकर फल दार वृक्ष बनेंगे राहगीरों को छाया देंगे ही पर हमारे ही पशु पक्षियों के लिए आहार बनेंगे साथ ही आर्यावरण का संतुलन बन कर पर्याप्त मात्रा में शुद्ध ऑक्सीजन ( जीवन दायिनी शुद्ध प्राण वायु ) के साथ इन वृक्षों से वन उपज होगी जिस से कही हद तक हमें आर्थिक मदद भी मिलती रहेगी इस हेतु हम बड़ी संख्या में वृक्षा रोपण करे युक्त बात नर्मदा समग्र न्यास के अनुभाग समन्वयक राजेन्द्र सस्त्या ने नर्मदा समग्र न्यास द्वारा प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी सुनियोजित तरीके से निकाली गई पर्यावरण पंच कोशी यात्रा के दौरान ग्रामों में आयोजित चौपाल में उपस्थित ग्राम वादियों को संबोधित करते हुए यह बात कही प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी नर्मदा समग्र न्यास द्वारा पर्यावरण पंच कोशी यात्रा मां नर्मदा जी के तटीय क्षेत्र से श्री सस्त्या के कुशल नेतृत्व में निकाली गई श्री सस्त्या ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि जल ही जीवन है जल है तो कल है जल नहीं तो कल नहीं इस हेतु दूषित होते जल को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए हमें मां नर्मदा के किनारे व अन्य पे जल स्त्रोत स्थलों से तथा अपने घरों के आस पास व्यर्थ पड़े कूड़े कचरे को उठाकर गन्दगी मुक्त करते हुए साफ सुथरा स्वच्छ बना कर रखे गन्दगी में जान लेवा बीमारियों के मच्छर पनपते हैं और मच्छरों के काटने से काल का ग्रास बनाने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलती हैं इस हेतु स्वच्छता बनाए रखे । आप ने कहा कि राशायनी खाद से की जाने वाली खेती से उपार्जन अन्न खाने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटती है और असाध्य रोग उत्पन्न होते है इस हेतु प्राकृतिक खेती से उपार्जित अन्न के सेवन करना स्वास्थ के लिए लाभ दायक हो ता है वहीं परिक्रमा वासियों की सेवा के लिए समग्र न्यास द्वारा तटीय क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में सेवा प्रकल्प के साथ अन्न क्षेत्र संचालित कर सेवा प्रदान करते आ रहा है यात्रा मां नर्मदा जी के तटीय क्षेत्र कुली से घोंघसा तक, आदि ग्रामीण स्थलों से पर्यावरण पंच कोशी यात्रा निकाली गई इस दौरान ग्रामों में चौपाल लगाई और उपस्थित ग्राम वासियों को यात्रा का महत्व, से रुबरु करते हुए स्वच्छता पर्यावरण सरंक्षण, नर्मदा समग्र के आयाम, 1 ,,घाट सफाई गतिविधि 2,, परिक्रमा वासियों की सेवा, 3,,हरियाली चुनरी अन्तर्गत पौधा रोपण कर संरक्षण व संवर्धन करना,4 ,,प्राकृतिक खेती आदि चारो आयाम पर नर्मदा समग्र न्यास काम कर रहा है। आदि की जान कारी श्री सस्त्या द्वारा विस्तृत से दी गई।
नर्मदा समाग्र पर्यावरण पंच कोशी यात्रा कुली से प्रारम्भ होकर सुलपानी झड़ी के दुर्गम पहाड़ो से होते हुए घोंघसा श्री श्री 108 लखनगरी जी महाराज के आश्रम मे
द्वितीय दिवस पर समापन हुई
इस मे नर्मदा समग्र सत्रीय टोली सदस्य मिथुन जी यादव,पूर्व मंडल अध्यक्ष कृष्णा जी गोले, पार्षद अमित जी उपाध्यक्ष,पार्षद शंकर जी कुशवाह, पार्षद गजेद्र जी सोनाने,आर आर प्रिंस जी राठौर,नगर महामंत्री दीपक जी जेमन, नगर मिडिया प्रभारी भगवती प्रसाद जी सोनी,राहुल जी शर्मा,युवा मोर्चे जिला उपाध्यक्ष राजा जी सोलंकी,दिनेश जी मेहरा,गिरीश जी गोश्वामी,संदीप जी शर्मा( बुहारी), पूर्व पार्षद प्रवीण जी पांडे, नर्मदा समाग्री भाग समन्वयक राजेंद्र जी सेतिया, प्रतीक जी मालवीय अन्य समग्र कार्यकर्ता सम्मिलित हुएl
बड़वानी/संजय बामनिया की रिपोर्ट

