मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता व्याख्यान का शासकीय महाविद्यालय मे हुआ आयोजन
पानसेमल। म.प्र.शासन, उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को प्रभावित करने वाले जटिल कारकों के अध्ययन तथा आत्महत्या रोकथाम हेतु प्रभावी कार्यवाही करने के उद्देश्य से महाविद्यालय में “मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. संगीता भंडारी ने की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में निरंतर बदलते परिवेश के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा अत्यंत आवश्यक है। यदि मानसिक स्वास्थ्य संतुलित न हो तो व्यक्ति भ्रमित निर्णय ले सकता है, अतः ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों के हित में अत्यंत उपयोगी हैं।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. राजेश ढोले, मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, पानसेमल उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य का मजबूत होना अनिवार्य है।

मन में चलने वाले नकारात्मक विचार यदि दूसरों से साझा न किए जाएँ तो वे तनाव एवं आत्मघाती प्रवृत्तियों को जन्म दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों में प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण, करियर का दबाव तथा अकेलेपन के कारण आत्महत्या जैसी समस्याएँ अधिक दिखाई देती हैं। व्याख्यान के दौरान डॉ. ढोले ने सिकल सेल एनीमिया सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।आरबीएसके के आयुष विभाग से एमओ डॉ. सादिक तिगाले ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सदैव सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। सही दिशा में प्रयास तथा सकारात्मक मानसिकता भविष्य को बेहतर बनाती है। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की विभिन्न गतिविधियों एवं योजनाओं की जानकारी भी विद्यार्थियों को प्रदान की।
कार्यक्रम में एएनएम कमली मेहता, प्रो. वंदना यादव प्रो. अभिनव पांडे प्रो हेरि बर्डे सहित अन्य स्टाफ सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मंजुला चौहान द्वारा किया गया तथा डॉ. निशा वास्कले ने आभार व्यक्त किया।
पानसेमल/सतीश केवट

