जलगोन की बेटी का मिशन शक्तिसेट में हुआ चयन,सेटेलाइट डिजाइनर का करेगी कार्य,परिवार सहित क्षेत्र का बढ़ाया मान
पानसेमल क्षेत्र के जलगोन निवासी किसान परिवार की बेटी अब मिशन शक्तिसेट के तहत स्पेस डिजाइनिंग का कार्य करेंगी।छोटे से ग्राम से राष्ट्रपति भवन में सम्मान तक का सफर तय करने वाली होनहार छात्रा कुमारी भावना प्रकाश जगदाले ने प्राथमिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर पानसेमल में करते हुए वर्ष 2024- 2025 में कक्षा 10 वीं में 90 प्रतिशत अंक अर्जित कर टॉप किया था।वर्तमान में बड़वानी केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 11 में साइंस विषय से अध्ययन कर रही छात्रा ने बताया कि स्पेस किड्स इंडिया द्वारा आयोजित ऑनलाइन परीक्षा में भाग लेकर निर्धारित अंक अर्जित किए थे जिसके बाद उनका चयन प्रदेश की 20 छात्राओं में हुआ जो स्पेस डिजाइनिंग का कार्य करेगी।प्रदेश की इन होनहार छात्राओं का राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एवं केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने सम्मान भी किया।

अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार को देते हुए कहा कि मुझे माता राधा जगदाले पिता प्रकाश जगदाले एवं उनके चाचा विजय जगदाले द्वारा शिक्षा के लिए प्रेरित करते है।आग उन्होंने बताया कि परम पूज्य श्रद्धेय गुरु सदानंदजी शास्त्री के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन में छोटे गांव से देश की राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन तक का सफर तय किया है।उनकी उपलब्धि पर ग्राम वासियों एवं शुभचिंतकों ने बधाई दी है।मिशन शक्तिसैट के बारे में जानकारी देते हुए सेवानिवृत,विंग कमांडर जया तारे ने बताया कि मिशन के अंतर्गत छात्राएं सैटेलाइट के डिजाइन, निर्माण, परीक्षण और प्रक्षेपण की बारीकियों को सीख रही है। विजय सोशल वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक माधुरी मोयदे ने बताया कि मिशन के लिए शासकीय स्कूलों से प्रतिभावान छात्राओं का चयन हुआ है। इन्हें 120 घंटे का आनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मिशन का नेतृत्व स्पेस किड्ज इंडिया द्वारा किया जा रहा है,जिसमें 108 देशों की 12 हजार बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।मिशन के लिए मध्य प्रदेश के शासकीय स्कूलों से चयनित आरती पवार,अक्षरा जैन,भावना जगदाले,दर्शना शर्मा, गौरी भदौरिया,कलश जैन, कनक चौधरी,कृष्णा खजेकर, खुशी तायड़े,मुस्कान चौधरी, मुस्कान कैरो,निधि शर्मा,प्राची चौधरी,राशि चौरे,रिया पवार, शीतल मोरे,सुहानी मेश्राम, सुजाता इंगले,तानिया यादव और वंशिका सोलंकी का चयन हुआ। छात्राओं ने बताया कि इस मिशन के तहत हमें उप्साह के बारे में जानने का मौका मिल रहा है। अभी तक हम जो पढ़ते थे,उसे सीखने का अवसर मिल रहा है। अब अंतरिक्ष यात्री बनने का सपना है।
सतीश केवट की रिपोर्ट

