उप मंडी के बाहर अनिश्चितकालीन धरना हुआ स्थगित,अधिकारियों ने पिलाया शरबत,
कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन,
पानसेमल कृषि उप मंडी में 30 अक्टूबर से जारी अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन शनिवार को स्थगित हुआ,तहसीलदार सुनील सिसोदिया,मंडी सचिव एल एस सेनानी, थाना प्रभारी मंशाराम वगेन एवं मंडी कर्मचारियों ने शरबत धरना प्रदर्शन करने वालो को शरबत पिलाया।विक्रम अछालिया ने बताया कि किसानों को फसलों का उचित दाम मिलने हेतु 17 दिनों से धरने पर बैठे रहे जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर कुछ समस्याओं का निराकरण किया जा चुका है लेकिन कुछ मांगे शेष रह गई है।धरना प्रदर्शन स्थगित हुआ हे समाप्त नहीं हुआ है,समय आने किसानो के लिए पुनः धरना शुरू किया जा सकेगा।उनके द्वारा अधिकारियों को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि कंपनियों के उत्पाद एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य)पर बेचे जाते हैं, उसी प्रकार किसानो की फसलें भी एमएसपी के आधार पर खरीदी जानी चाहिए,जिले की सभी मंडियों का संचालन आदर्श मंडी के तर्ज पर पारदर्शिता, जवाबदेही और किसानों के हित में किया जाए,विगत 10 वर्षों में किसानों से वसूले गए मंडी टैक्स का उपयोग कहां और कैसे किया गया,इसकी सार्वजनिक जानकारी दी जाए।

संबंधित संस्थाओं के चुनाव शीघ्र कराए जाएं ताकि किसानों के प्रतिनिधि लोकतांत्रिक रूप से चुने जा सकें साथ ही अखबारों में प्रकाशित समाचारों के अनुसार मंडी बोर्ड को ₹1500 करोड़ में गिरवी रखने का प्रस्ताव अत्यंत चिंताजनक है। लइस पर सरकार की स्पष्ट नीति सार्वजनिक की जाए। जिले के विभिन्न स्थानों पर कृषि प्रयोगशाला की स्थापना एवं सुचारू संचालन की मांग सहित अन्य महत्वपूर्ण मांगे की है।धरना प्रदर्शन के दौरान नीलेश चौहान,महेश चौहान,राहुल मेहता,मयूर परमार,भूपेंद्र खेडकर,सुरेश डुडवे,डेमसिंह ब्रह्माने,राहुल खेड़कर,मोतीराम सोलंकी, मोतीलाल भंडारी,गोविंद भंडारी, दिलीप पवार,दिनेश वसावे, सावन भंडारी,सुरमल पाडवी, मांगीलाल सेनानी ने सहभागिता की।उन्होंने शांतिप्रिय तरीके से धरना प्रदर्शन करने पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोगियों का आभार जताते हुए मीडिया साथियों को भी धन्यवाद दिया है।

