पानसेमल विकासखंड में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने नए मार्ग का शुभारंभ,पशुपालकों की आय वृद्धि के दिए निर्देश।
बड़वानी । जिले में पशुओं की संख्या बढ़ाना, पशुपालकों की आय में वृद्धि, डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता है। अतः विभागीय लक्ष्यों से ऊपर उठकर दूरदर्शिता के अनुरूप कार्य करने की आवश्यकता है। उक्त बातें कलेक्टर श्रीमती जयती सिंह द्वारा पशुपालन विभाग की गतिविधियों और डेयरी विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के दौरान कही। इस दौरान उन्होने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं मुख्यमंत्री डेयरी प्लस, क्षीर धारा ग्राम,आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना और डॉ॰भीमराव आंबेडकर कामधेनु जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा कर निम्नलिखित निर्देश दिए-
1.जिले के असंतृप्त क्षेत्रों (जहाँ डेयरी नेटवर्क कम है) में कार्य योजना बनाकर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके लिए नस्ल सुधार कार्यक्रमों के तहत कार्ड बनाकर समस्त डेटा संकलित करने के निर्देश दिए।
2.वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन को बढ़ावा देकर पशुपालकों की आय में वृद्धि एवं शासन की मंशा के अनुरूप लक्ष्यों निर्धारित कर कार्य करें।
3.बैठक में दुग्ध संघ द्वारा बताया कि पानसेमल विकासखंड में नवीन दुग्ध संकलन मार्ग निसरपुर बीएमसी मार्ग का संचालन प्रारंभ कर दिया गया है। मार्ग के शुभारंभ के पहले ही दिन क्षेत्र के 05 प्रमुख गांवों से दूध संकलन का कार्य सफलतापूर्वक किया गया। इसमें मोरतलाई, टेमला, आमदा, सापखडती और पानसेमल शामिल हैं। विभाग द्वारा वर्तमान में इस मार्ग के विस्तारीकरण का कार्य निरंतर जारी है, ताकि आसपास के अन्य छोटे गांवों और मजरों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जा सके।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री राजा रवि वर्मा,उपसंचालक पशुपालन लक्ष्मण सिंह बघेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पानसेमल/सतीश केवट की रिपोर्ट

