ऑपरेशन मुस्कान के तहत बालिकाओं को किया जागरूक
बड़वानी।ऑपरेशन मुस्कान बालिकाओं के साथ होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।शिक्षा आपकी ताकत है बेटियों को भी उचित शिक्षा और सम्मान मिले तो कभी भी बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेगी। बेटियों की शिक्षा से ही एक अच्छे समाज का निर्माण संभव है। आप यहां अच्छा पढ़ें ताकि माता-पिता और आप खुद गर्व से कह सके कि हम इतना अच्छा काम कर रहे हैं। आज लड़कियां लड़कों से किसी भी क्षेत्र में कमतर नहीं है कठिन से कठिन कार्य लड़कियां सफलतापूर्वक कर रही है। शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है एक शिक्षित लड़की ही अपने परिवार समाज और राष्ट्र के आर्थिक विकास में योगदान दे सकती है। मुस्कान अभियान लापता बच्चों को बचाने व पुनर्वास करने तथा परिवार से मिलने के बाद जो परिवार व बच्चों में मुस्कान आती है यहीं इसका उद्देश्य है। मुस्कान अभियान एक पहल है एक मुस्कान आपके दुख ,डर, उदासी और आंसू छुपा सकते हैं। अजनबियों से दूरी रखें ,सतर्क रहें ,सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करें, ट्रैफिक नियमों, साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। बच्चों की सुरक्षा संरक्षण और जागरूकता पुलिस की प्राथमिकता है। जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए सभी बच्चों को प्रेरित किया।
शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल बड़वानी मे बालिकाओं के बीच किया मुस्कान अभियान का कार्यक्रम बालिकाओं को सुरक्षा व आत्मरक्षा के प्रति किया गया जागरूक।

महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार जिले में पुलिस अधीक्षक श्री जगदीश डावर के मार्गदर्शन में “मुस्कान विशेष अभियान” 1 नवम्बर से 30 नवम्बर 2025 तक संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में सुरक्षा जागरूकता, आत्मविश्वास व आत्मरक्षा की समझ विकसित करना है।
अभियान के अंतर्गत अति.पुलिस अधीक्षक महोदय श्री धीरज बब्बर साहब ने शा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल बड़वानी में उक्त बातें कहीं ।
डीएसपी (महिला सुरक्षा शाखा) श्री महेश सुनैया ने
बालिकाओं को गुड टच-बैड टच, बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा, आत्मरक्षा एवं सुरक्षा के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गलत टिप्पणी या अनुचित व्यवहार होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें,बिल्कुल भी घबराएँ नहीं। ऊर्जा महिला डेस्क प्रभारी सब इंस्पेक्टर ललीता चौहान द्वारा बालिकाओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर बताए—
महिला हेल्पलाइन: 1090
चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
साइबर अपराध रिपोर्टिंग: 1930
आपातकालीन सेवा: 112 ने बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बालिका की विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं बालक की 21 वर्ष है।
सुशीला निंगवाल ने बालिकाओं को समझाया कि यदि कहीं नाबालिग विवाह कराया जा रहा हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, क्योंकि यह कानूनन दंडनीय अपराध है।
कार्यक्रम में महिला डेस्क प्रभारी श्रीमती ललिता चौहान सब इंस्पेक्ट ,सब इंस्पेक्टर शीला सोलंकी,संस्था के मंसुरी सर, काउंसलर श्रीमती अनीता चोयल आरक्षक सुशीला निंगवाल,समस्त स्टाफ ,आरक्षक आत्माराम एवं पुरूषोत्तम, तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।यह आयोजन बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और सुरक्षित वातावरण निर्मित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
बड़वानी/संजय बामनिया

