NSS शिविर के दौरान योग प्रशिक्षक ने विद्यार्थियों को योग प्राणायाम सिखाया, श्रमदान कर किया स्वच्छता कार्य।

NSS शिविर के दौरान योग प्रशिक्षक ने विद्यार्थियों को योग प्राणायाम सिखाया, श्रमदान कर किया स्वच्छता कार्य।

बड़वानी

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NSS शिविर के दौरान योग प्रशिक्षक ने विद्यार्थियों को योग प्राणायाम सिखाया, श्रमदान कर किया स्वच्छता कार्य।

पानसेमल।राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सात दिवसीय विशेष ग्रामीण शिविर के तीसरे दिन की शुरुआत ग्राम टाकली में प्रभात फेरी के साथ हुई। इसके पश्चात योग प्रशिक्षक श्री आयुष डूडवे द्वारा स्वयंसेवकों को योग, व्यायाम एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इस अवसर पर श्री अरुण जाधव सहयोगी के रूप में उपस्थित रहे।
परियोजना कार्य के अंतर्गत शासकीय मॉडल विद्यालय के बाहरी परिसर में गाजर घास उन्मूलन, पाउच, पन्नी एवं पॉलीथिन संग्रहण कर स्वच्छता का संदेश दिया गया।इसी क्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के अंतर्गत “मेरा युवा भारत के लिए युवा” तथा “डिजिटल साक्षरता के लिए युवा” विषय पर बौद्धिक सत्र एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा समाज को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करना रहा।शासकीय महाविद्यालय राजपुर से मुख्य वक्ता डॉ. आकाश गाडगे ने कहा कि आज के समय में डिजिटल साक्षरता युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है।लगभग सभी कार्य डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं, जिसके लिए डिजिटल ज्ञान अनिवार्य है।दूसरे मुख्य वक्ता श्री आशीष जाधव ने कहा कि आज का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि युवा परिवर्तन का संकल्प लें, तो किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

NSS शिविर के दौरान योग प्रशिक्षक ने विद्यार्थियों को योग प्राणायाम सिखाया, श्रमदान कर किया स्वच्छता कार्य।

उन्होंने देश के मानवीय एवं प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।उन्होंने कहा कि डिजिटल रूप से साक्षर युवा न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि ग्रामीण एवं वंचित वर्ग को भी सरकारी डिजिटल सेवाओं से जोड़ने में सहायक सिद्ध होंगे।
बौद्धिक सत्र में डिजिटल भुगतान,ऑनलाइन सरकारी पोर्टल, साइबर सुरक्षा, फर्जी समाचारों से सतर्कता एवं सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की जानकारी दी गई। एनएसएस स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों को मोबाइल फोन के माध्यम से डिजिटल सेवाओं का उपयोग, ऑनलाइन फॉर्म भरना, आधार-बैंक लिंकिंग तथा डिजिटल लेन-देन का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया।
इस अवसर पर प्रो. हेरी बर्डे ने स्वयंप्रभा पोर्टल को डिजिटल युग में सीखने का प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम के अंत में जनसमूह को “डिजिटल रूप से सशक्त युवा – सशक्त भारत” का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का संचालन भारत पटेल ने किया।डॉ. सुभाष मंडलोई ने वक्ताओं का परिचय प्रस्तुत किया एवं आभार प्रदर्शन डॉ.मंजुला चौहान द्वारा किया गया।

पानसेमल/सतीश केवट की रिपोर्ट

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