सभी नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुदृढ़ करे- कलेक्टर

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बड़वानी

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सभी नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुदृढ़ करे- कलेक्टर

खाद वितरण के लिए लागू होगी ई-टोकन व्यवस्था

बड़वानी -कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह की अध्यक्षता में सोमवार कलेक्ट्रेट सभागृह बड़वानी में समय-सीमा एवं अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसेवा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में दिए गए निर्देश
1.पाइपलाइन रिसाव की पहचान व नियंत्रण और जलापूर्ति एवं पेयजल गुणवत्ता को लेकर निर्देश-
शहर में बिछाई गई जल वितरण प्रणाली का 07 दिवस में सर्वे किया जाकर ऐसे क्षेत्र जहाँ पर सघन आबादी अथवा 20 वर्ष से अधिक पुरानी पाईपलाईन का चिन्हांकन करने। पुराने एवं बार-बार लीकेज होने वाली पाईपलाईन, नालियों/सीवर पाईपलाईन के समीप अथवा नीचे से गुजरने वाली पाईपलाईनों का चिन्हांकन किया जाये। चिन्हांकन में पाये गये रिसाव का 48 घंटे के भीतर मरम्मत सुनिश्चित किया जाये।जल शोधन संयंत्र तथा उच्च स्तरीय टंकियाँ की साफ-सफाई का 07 दिवस के अंदर निरीक्षण किया जाये।सभी जल शोधन संयंत्रों ,प्रमुख जल स्त्रोतों तथा उच्च स्तरीय टंकियों पर तत्काल जल नमूना परीक्षण कराया जाये।क्लोरीनेशन सिस्टम की 24 घंटे निगरानी की जाये तथा उच्च स्तरीय टंकियों एवं प्रत्येक वार्ड/ डिस्ट्रिक्ट मीटरिंग एरिया में संचालन-संधारण के अमले/अमृत मित्र/सफाई मित्र के माध्यम से रैंडम सैंपलिंग की जाकर जल की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाये। चयनित घरेलू प्रशिक्षण पर रैसीडुअल क्लोरीन हेतु रैंडम सैंपलिंग की जाये। रैसीडुअल क्लोरीन की मात्रा 0.2 पीपीएम से कम एवं 1 पीपीएम से अधिक नहीं होनी चाहिये।रैसीडुअल क्लोरीन की मात्रा कम पाये जाने पर जल संशोधन संयंत्र एवं उच्च स्तरीय टंकिया पर क्लोरीन की बूस्टिंग की जाये।नगरीय क्षेत्र में जल के अन्य स्त्रोतों (कुँएं, बावड़ी, तालाब तथा नलकूपों) में ब्लीचिंग पाउडर की खुराक निर्धारित मानकों के अनुरूप की जाये।
2.सीएम हेल्पलाइन में पाइपलाइन लीकेज और रखरखाव पर फोकस
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शिकायतों के संतुष्टिपूर्ण निराकरण एवं जल आपूर्ति की रखरखाव व्यवस्था को प्राथमिकता पर रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल प्रदाय पाइपलाइन की मैपिंग की जाए एवं क्रॉसिंग और ज्वाइंट निरीक्षण किया जाये। पंचायतों में भी सभी जगह पेयजल स्त्रोतों की चेकिंग की जाए।
3.खाद वितरण हेतु ई-टोकन प्रणाली और प्रशिक्षण
किसानों की सुविधा के लिए उर्वरक वितरण को पारदर्शी बनाने हेतु ई-टोकन प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। सभी सीएससी संचालकों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाए। टारगेट मैपिंग के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर खाद का सुचारु वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
4.राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती सिंह ने कड़े निर्देश दिए कि कोई भी राजस्व प्रकरण 6 माह से अधिक समय तक लंबित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर नामांतरण, बँटवारा और सीमांकन जैसे मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ काजल जावला, संयुक्त कलेक्टर श्री सोहन कनास,संयुक्त कलेक्टर श्री राजा रवि वर्मा विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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