विधायक श्याम बरडे के नेतृत्व मे वांगरा उपचुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत,13 वर्षों बाद BJP का उपसरपंच

विधायक श्याम बरडे के नेतृत्व मे वांगरा उपचुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत,13 वर्षों बाद BJP का उपसरपंच

बड़वानी

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विधायक श्याम बरडे के नेतृत्व मे वांगरा उपचुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत,13 वर्षों बाद BJP का उपसरपंच

पानसेमल।वार्ड 2 पार्षद एवं सरपंच चुनाव में विधायक श्याम बरडे के नेतृत्व में जीत हासिल की हे।शुक्रवार जलगौन मंडल अंतर्गत ग्राम पंचायत वांगरा के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 189 मतों से ऐतिहासिक विजय प्राप्त की।उपचुनाव के परिणाम को लेकर सुबह से ही पानसेमल तहसील मुख्यालय पर दोनों दलों के समर्थक एवं जनप्रतिनिधियों का समूह एकत्रित रहा।जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती जयतिसिंह के निर्देशन में सुबह 8 बजे बाद अनुविभागीय अधिकारी रमेशचंद्र सिसोदिया एवं रिटर्निंग अधिकारी व तहसीलदार सुनील सिसोदिया,सहायक रिटर्निंग अधिकारी राजाराम रानाडे, मतगणना कर्मचारियों एवं अभ्यर्थी,अभिकर्ता की मौजूदगी में गणना शुरू हुई।कुल 3 राउंड में मतगणना के बाद परिणाम घोषित हुए। जिसमें भाजपा समर्थित मोसंबी बाई गंगाराम को 1540 सोनिया मोंटा खेड़कर 1351 को कामिनी हापले को 47 एवं नोटा को 30 मतदान प्राप्त हुए।इस दौरान पानसेमल थाना प्रभारी मंशाराम वगेन,खेतिया थाना प्रभारी सुरेंद्र कनेश निवाली थाना प्रभारी आर के लोवंशी सहित पुलिस बल मौजूद रहा। वर्षों से कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली ग्राम पंचायत वांगरा के नतीजों को लेकर जनता में उत्सुकता बनी हुई थी।मतगणना प्रारंभ होते ही परिणाम भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में गया। भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी श्रीमती मौसम्बी बाई गंगाराम किराडे ने 189 मतों से विजय प्राप्त की।पानसेमल नगर परिषद वार्ड उपचुनाव एवं ग्राम पंचायत वांगरा सरपंच उपचुनाव — दोनों ही सीटों पर भाजपा की यह जीत,विधायक श्याम बरडे की रणनीति,मजबूत संगठन क्षमता और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की अद्वितीय नेतृत्व शैली का परिणाम मानी जा रही है।

विधायक श्याम बरडे के नेतृत्व मे वांगरा उपचुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत,13 वर्षों बाद BJP का उपसरपंच

विधायक श्याम बरडे ने बताया कि मजदूर,किसान सहित सभी वर्गों के लिए निरंतर शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाएं एवं उनका धरातल पर क्रियान्वन से ही जनता का BJP पर भरोसा बना हुआ है। बीते एक वर्ष में विधानसभा क्षेत्र के 10 से अधिक ग्रामों से कांग्रेस समर्थित सरपंचों ने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। तहसील मुख्यालय से जीत का जश्न मनाते हुए नगर से विधायक जनसंपर्क कार्यालय पहुंचा जहां बड़ी संख्या में कार्य करताऔ ने एक दूसरे को बधाई देकर मुंह मीठा कराया।उन्होंने कहा कि यह विजय “सबका साथ,सबका विकास,सबका विश्वास,सबका प्रयास” के संकल्प का साकार रूप है।कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने विधायक श्री बरडे के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर,जिला महामंत्री सचिन चौहान,मंडल अध्यक्ष चेनसिंह गदरे,मंडल अध्यक्ष चंद्रकांत महाजन,श्याम हरसोला,गोविंद जोशी,कन्हैया जैन,प्रकाश जोशी,प्रेमसिंह पटेल,उत्तम चौहान,योगेश जैन, राकेश दावरे,वासुदेव जाधव, संजू सांवले,हितेंद्र हरसोला, पार्षदगण,सरपंचगण सहित वांगरा ग्राम पंचायत एवं आसपास की सभी ग्राम पंचायतों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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राजनैतिक विश्लेषकों की माने तो ग्राम पंचायत वांगरा में हुए सरपंच पद के उपचुनाव में कांग्रेस को दूसरा झटका लगा है। सरपंच और पार्षद के उपचुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा,वह इस उपचुनाव में अपनी सीट नहीं बचा पाई। एक बार फिर इन परिणामों ने बता दिया है की कांग्रेस की आपसी गुटबाजी कांग्रेस को कमजोर कर रही है।
गौरतलब है की पानसेमल विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ कहा जाता था,लेकिन कांग्रेस का यह गढ़ अब ध्वस्त हो गया है, पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार के सामने कांग्रेस के ही एक बागी उम्मीदवार के कारण हार देखना पड़ी। जिसके चलते कांग्रेस से पराजित उम्मीदवार पूर्व विधायक चन्द्रभागा किराड़े ने कांग्रेस का दामन छोड भाजपा की शरण ले ली थी। यहीं से कांग्रेस कमजोर होना शुरु हुई।जबकी इन उपचुनाव में विधायक श्याम बर्डे के नेतृत्व में हुए उपचुनाव में भाजपा को मिली जीत से कार्यकर्ताओ में उत्साह है।पानसेमल नगर परिषद वार्ड क्रमांक 2 का उपचुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल शुक्ला की पत्नी स्वर्गीय सरला अनिल शुक्ला और ग्राम पंचायत वांगरा के सरपंच का पद बड़वानी जिला आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष मोंटा खेड़कर की पत्नी स्वर्गीय रंजना मोंटा खेड़कर के निधन से रिक्त हुआ था। पंचायत वांगरा से मोंटा खेड़कर ने अपनी बेटी सोनिया खेड़कर को मैदान में उतारा,जहां उसे पराजय मिली। उल्लेखनीय है की मोंटा खेड़कर पानसेमल विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के सशक्त दावेदार है, उनकी दावेदारी को मजबूत करने के लिए उन्हे आदिवासी कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाया पर वह अपनी पंचायत को भी कांग्रेस के लिए बचा नही पाये।जीत के बाद विजेता उम्मीदवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

पानसेमल/सतीश केवट की रिपोर्ट

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