मां के लिए रक्तदान करने के बाद रक्तदान की समझी एहमियत,होनहार अर्जुन सोलंकी ने 6 टी बार किया रक्तदान

मां के लिए रक्तदान करने के बाद रक्तदान की समझी एहमियत,होनहार अर्जुन सोलंकी ने 6 टी बार किया रक्तदान

बड़वानी

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मां के लिए रक्तदान करने के बाद रक्तदान की समझी एहमियत,होनहार अर्जुन सोलंकी ने 6 टी बार किया रक्तदान।

पानसेमल तहसील के ग्राम वासलियापानी निवासी अर्जुन ताराचंद सोलंकी ने जिला चिकित्सालय में 6 टी बार रक्तदान किया। राष्ट्रीय सेवा योजना में NSS प्रतिनिधि एवं श्री अटल बिहारी वाजपेई शासकीय महाविद्यालय पानसेमल में बी.ए. चतुर्थ वर्ष में अध्ययन कर रहे अर्जुन सोलंकी किसान परिवार से है। अर्जुन स्वच्छता जागरूकता अभियान,नशा मुक्ति अभियान एवं अन्य सामाजिक कार्यों में अपना निरंतर सहयोग करते हैं।अर्जुन ने बताया कि उनकी मां की तबियत खराब होने पर उन्हें इंदौर उपचार हेतु ले जाया गया था जहां उन्हें रक्त की आवश्यकता पढ़ने पर प्रथम बार रक्तदान किया।जिसके बाद रक्तदान की एहमियत समझी और रक्तदान के महत्व बताते हुए रक्तदान के लिए वे सभी को प्रेरित करने लगे।उन्होंने बताया रक्तदान करने से शरीर स्वस्थ रहता है।समाज सेवा करने से मन प्रसन्न बना रहता है।छोटे बड़े सामाजिक कार्य करते हुए अनुभव प्राप्त किए।समाज सेवा के साथ महाविद्यालय में आयोजित विभिन्न गतिविधियों में भी वे सहभागिता करते हैं।अभी तक वे छह बार रक्तदान कर चुके है इंदौर जिला अस्पताल में प्रथम बार रक्तदान किया था। महाविद्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर में एक बार और बड़वानी जिला अस्पताल में दो बार एवं इंदौर में 3 बार रक्तदान कर चुके हैं।जिला अस्पताल में विनोद सोलंकी,बजरंग सोलंकी,प्रकाश सोलंकी,गंगाराम भोसले उनके साथ मौजूद रहे।

रिपोर्टर सतीश केवट।

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